माँ बेटा एक दूजे के सहारे – Maa Beta Hindi Sex Stories

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माँ बेटा एक दूजे के सहारे – Maa Beta Hindi Sex Stories

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम नीरज है और मैं पुणे से हूँ.

मैं एक छात्र हूँ, मेरी उम्र 18 साल है और मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ.
मेरे घर में मेरी मॉम (रितु), दीदी (पायल) और पापा हैं.

पापा एक बिजनेसमैन हैं, इसलिए वे में रहते हैं.

यह Maa Beta Hindi Sex Stories मेरी मॉम के साथ हुई एक घटना के बारे में है.

मेरी मॉम बहुत धार्मिक होने के साथ साथ आधुनिक महिला हैं. मॉम अपनी फिटनेस का भी बहुत अच्छा ख्याल रखती हैं.
अपनी 38 साल की उम्र में भी उन्होंने अपने जिस्म को बहुत अच्छे से मेंटेन किया हुआ है.

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उनकी बॉडी कर्वी है और वे बहुत हॉट माल लगती हैं. उनके दूध इतने अधिक तने हुए रहते हैं कि क्या ही कहूँ. उसके अलावा मॉम काफी गहरे गले का ब्लाउज या टॉप पहनती थीं तो उनके आधे से ज्यादा दूध तो किसी के भी लौड़े को खड़ा करने में एकदम से काम कर देते थे.
मैं मॉम के दूध तो देखता ही था, उसके अलावा उनकी मतवाली चाल के कारण उनके थिरकते चूतड़ भी मेरी वासना को जगा देते थे.

कुल मिला कर मैं अपनी मॉम को बहुत पसंद करता हूँ और उन्हें देखकर कभी-कभी मुठ भी मार लेता हूँ.

मैं हर पल उन्हें अपना बनाने की कोशिश करता रहता हूँ.
ये बात करीब चार महीने पहले की है. मेरे कॉलेज की छुट्टियां चल रही थीं, इसलिए मैं घर पर ही रहता था और मॉम को देखता रहता था.

मॉम घर में कभी साड़ी, कभी कुर्ती-पजामी, तो कभी लॉन्ग स्कर्ट पहनती थीं.
मैं उनकी लिपस्टिक, नेल पॉलिश और उनके कपड़ों की तारीफ करता था.
कभी-कभी मैं किचन में उनकी मदद भी कर देता था. इस बहाने मैं उन्हें टच भी कर लेता था.

Maa Beta Hindi Sex Stories – माँ बेटा एक दूजे के सहारे

Maa Beta Hindi Sex Stories

एक दिन जब मॉम नहा रही थीं.

कुछ देर बाद वे बाथरूम से बाहर आईं और अपने रूम में चली गईं.
मैंने देखा कि आज मॉम ने अपनी साड़ी, पैंटी और ब्रा वॉश नहीं किए थे, तो मैंने उनके कपड़े वॉश करके सुखाने डाल दिए.

कुछ देर बाद मॉम ने पूछा- नीरज, क्या तूने मेरे कपड़े वॉश किए?
मैं- हां मॉम, मैंने किए … क्या हुआ?

मॉम- नीरज, क्या जरूरत थी? मैं कर लेती ना! तू भी कभी-कभी पागल जैसी हरकत करता है!
मैं- सॉरी मॉम, मुझे लगा आपको अच्छा लगेगा!

मॉम मुस्कुराती हुई बोलीं- कोई बात नहीं नीरज, मुझे अच्छा लगा! पर तुझे मेरी ब्रा और पैंटी वॉश नहीं करनी चाहिए थी. चलो छोड़ो, अब आगे से ध्यान रखना.
यह कह कर मॉम ने मुझे 200 रुपये का रिवॉर्ड दिया.

मॉम हमेशा मुझे रिवॉर्ड देती थीं जब मैं कोई अच्छा काम करता था.

कुछ दिनों बाद मॉम का जन्मदिन आने वाला था.
मैंने मॉम के लिए एक पिंक साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज लिया था.

मैंने मॉम को स्लीवलेस टॉप में कई बार देखा था लेकिन साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज में भी मैं उन्हें एक बार देखना चाहता था.
मॉम का जन्मदिन हमने घर पर ही सेलिब्रेट किया.

मैं, दीदी और मॉम ने मिल कर खूब मजा किया.
जब मैंने मॉम को अपना गिफ्ट दिया तो उन्हें बहुत पसंद आया.

मॉम ने उसे पहन कर ट्राई किया और फिर हमने मॉम का बर्थडे केक काटा.
मॉम ने मुझे केक खिलाया और मैंने थोड़ा मस्ती करने के लिए मॉम की नाक पर केक लगा दिया.

मॉम ने मुझे गले लगाया और मेरे गिफ्ट के लिए थैंक्स बोला.

जब मॉम ने मुझे गले लगाया तो उनके बूब्स मेरी छाती से टकरा रहे थे.
हमारे बीच कोई गैप नहीं था.

मैं उनकी गर्दन पर अपनी गर्म-गर्म सांसें छोड़ रहा था.
उनके बालों की खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी और मेरा लंड खड़ा होने लगा था.

हमारे बीच कोई दूरी नहीं थी, हम दोनों एकदम करीब थे.

मुझे डर था कि मॉम को मेरा लंड महसूस न हो जाए इसलिए मैंने उन्हें खुद से दूर किया और भागकर बाथरूम में चला गया.

वहां जाकर मैंने मुठ मारना शुरू कर दिया.

मॉम की हंसती हुई आवाज मुझे सुनाई दे रही थी- अरे नीरज बेटा, इतनी जल्दी में कहां जा रहा है … इस पागल लड़के का भी ना … मुझे कुछ समझ ही नहीं आता!
दीदी हंस कर बोलीं- शायद बाथरूम में हल्का होने गया होगा!

दीदी की बात सुनकर मॉम भी हंस पड़ी थीं.
यह बात मुझे कभी नहीं भूलती है.

कुछ समय बाद दीदी मेरे कमरे में आईं और मेरे बेड पर बैठ गईं.
मैं उस समय अपने लैपटॉप पर गेम खेल रहा था.

दीदी- सुन नीरज, आजकल मुझे तेरा बिहेवियर कुछ ठीक नहीं लग रहा है. तू ठीक तो है ना?
मैं- हां दीदी, मुझे क्या हो सकता है!

दीदी- अच्छा, तू भागकर बाथरूम क्यों गया था?
मैं चुप्पी साध गया और फिर धीरे से बोला- दीदी, वह मुझे टॉयलेट लगी थी न!
दीदी- देख बेटा, झूठ मत बोल आजकल तू मॉम की तरफ ज्यादा आकर्षित नहीं हो रहा?

मैं ये सुनकर घबरा गया और मेरे होश उड़ गए… मैं कुछ नहीं बोला.

दीदी- तुझे पता है ना वह हमारी मॉम हैं, फिर भी तू …
मैं रोते हुए बोला- सॉरी दीदी!

दीदी- यार, तू ऐसा क्यों कर रहा है? तुझे कुछ शर्म है कि नहीं?
मैं चुपचाप सुनता रहा.

दीदी- अच्छा सुन … एक बात बता, मॉम में ऐसा क्या है जो तू इतना आकर्षित हो रहा है उनसे?
मैं चुपचाप रहा और कुछ नहीं बोला.

दीदी- सच सच बता, वरना एक थप्पड़ मारूँगी.
मैं रोते हुए कहने लगा- उनके बूब्स, उनकी कमर, उनकी आस्स …

दीदी गुस्से से मुझे देखती हुई बोलीं- हट … कैसा लड़का हुआ यार तू!
मैं- सॉरी दीदी, अब नहीं होगा!

दीदी कुछ पल रुकने के बाद बेहद गंभीर स्वर में बोलीं- देख, मैं कल अपनी फ्रेंड के घर जा रही हूँ. शाम को निकलूँगी और सुबह वापस आ जाऊंगी.
मैं चुप रहा.

दीदी- तुझे एक मौका दे रही हूँ, कल रात मॉम के साथ जो करना है … कर ले, लेकिन ध्यान रखना, उनको हर्ट ना हो!

उनकी ये बात सुनकर मेरी सांसें रुक गईं- दीदी … आप ये क्या बोल रही हो?
दीदी- नीरज देख, पापा के दूरी से घर नहीं आए हैं. बेचारी मॉम को खुशी नहीं मिल पा रही है. वे हमारा इतना ख्याल रखती हैं, हम उनके लिए इतना तो कर ही सकते हैं!

मैं- लेकिन दीदी, मैं कैसे करूँगा? और अगर मॉम ने मुझे मारा तो?
दीदी- तुझे जो करना है, वह कर … जोर-जबरदस्ती कैसे भी, बस मॉम को खुश कर देना. वे अन्दर से बहुत दुखी रहती हैं यार … बस वे हमारे सामने खुश रहने का दिखावा करती हैं!

मैं- लेकिन मॉम ने पापा को बता दिया तो?
दीदी- चिंता मत कर, सुबह मैं घर आ जाऊंगी और सब संभाल लूँगी. तू बस मॉम को खुश कर देना. मुझे खुद को बहुत शर्म आ रही है ये बात करते हुए, लेकिन तू खुद भी तो समझदार नहीं है!

दीदी की बात मुझे हजम नहीं हो रही थी कि यह सब मैं कैसे करूंगा.

दीदी- तूने पहले किसी लड़की के साथ किया है?
मैं- नहीं दीदी, कभी नहीं!

दीदी- अच्छा है. देख नीरज, मॉम का ख्याल रखना … उनको ज्यादा हर्ट मत करना, ठीक है?

मैं- दीदी, एक बात पूछनी है.
दीदी- हां बोल!

मैं- दीदी, आप वर्जिन हो?
दीदी गुस्से में बोली- पागल, ये क्या पूछ रहा है?
मैं- सॉरी दीदी.

दीदी- हां मैं वर्जिन हूँ … खुश?
दीदी के मुँह से ये सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई.

वे चली गईं.

अब मैं अपनी मॉम के बारे में सोचने लगा कि उनके साथ कैसे हॉट मॅाम सन चुदाई करूँगा.
यही सोच-सोचकर मेरा लंड खड़ा हो रहा था. उस दिन मैं पूरी रात सो नहीं पाया.

सुबह ही दीदी अपनी सहेली के घर निकल गईं.
अब घर में सिर्फ मैं और मॉम अकेले थे.

उस दिन मॉम ने लाल साड़ी के साथ काला ब्लाउज पहना था.
उनके बूब्स उनके ब्लाउज से बाहर निकलने को बेताब थे.

मॉम हमेशा टाइट पैंटी, ब्रा और कपड़े पहनती हैं और ये उन पर बहुत अच्छा भी लगता है.

मैं सुबह से ही मॉम को देख रहा था. उनकी नाभि, उनकी गांड … क्या लग रही थी.

मॉम ने मुझे उन्हें घूरते हुए देख भी लिया था लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया.

ऐसे ही पूरा दिन निकल गया और मैं मॉम के बारे में ही सोचता रहा.
मैं अपने आप को उस काम के लिए तैयार कर रहा था जो मैं अब करने जा रहा था.

ये काम बहुत मुश्किल होने वाला था क्योंकि मॉम बहुत स्ट्रॉन्ग हैं.

रात के 8:30 बज रहे थे.
मैंने और मॉम ने डिनर कर लिया था और मॉम टीवी पर गाने सुन रही थीं.

उस समय मॉम ने सफेद टाइट लेगिंग्स और हल्की पीली कुर्ती पहनी हुई थी.

मेरी मॉम का गोरा रंग और उनके कपड़े उन्हें और भी हॉट बना रहे थे.
उनके बूब्स और ब्रा की आउटलाइन साफ-साफ दिख रही थी और नीचे उनकी लेगिंग्स में उनकी पैंटी की आउटलाइन भी नजर आ रही थी.

मैं उनके पास जाकर बैठ गया.
उस समय मुझे अजीब सी फीलिंग हो रही थी.

मेरा पूरा शरीर काँप रहा था, पता नहीं मुझे क्या हो रहा था.
मैंने हिम्मत जुटाई और मॉम से इधर-उधर की बातें करने लगा.

मैं- मॉम, पापा कब तक आएंगे?
मॉम- क्यों, क्या हुआ? पापा की याद आ रही है क्या?

मैं- नहीं मॉम, ऐसा कुछ नहीं हुआ बस …
वे कुछ नहीं बोलीं.

मैं हिम्मत जुटाकर पुनः बोला- मॉम, आप पापा के बिना कैसे रह लेती हैं?
मॉम थोड़ी देर चुप रहकर बोलीं- क्या कर सकते हैं? तुम्हारे पापा कमाएंगे नहीं, तो घर कैसे चलेगा?

मैं उन्हें देखने लगा.

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मॉम- तुझे क्या हो गया? ऐसे सवाल क्यों पूछ रहा है?
मैंने मॉम को गले लगाया और उन्होंने भी मुझे गले से लगा लिया.

उनका चेहरा मेरी छाती के पास आ गया.
मॉम ने मेरी पीठ को सहलाया.

हम दोनों ऐसे ही 15-20 मिनट तक रहे.

मॉम- आज तुझे हो क्या गया है. मैं बहुत दिनों से देख रही हूँ, तेरी हरकतें कुछ ठीक नहीं हैं. कुछ हुआ है तो मुझे बता … क्या हुआ है?
मैं मॉम की क्लीवेज को देख रहा था.

मैं- सॉरी मॉम, लेकिन मुझे नहीं पता मुझे क्या हो रहा है.
मैं मॉम के और करीब आ गया और अपना एक हाथ उनकी कमर पर रख दिया.

मॉम ने कुछ नहीं कहा, उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया.
लेकिन मैं और करीब आया और एकदम से उनसे चिपक गया.

मैं उनके क्लीवेज को अपने चेहरे से महसूस करने लगा.

मॉम को भी थोड़ा अजीब लगा.
उन्होंने कहा- नीरज, ये क्या कर रहा है … रुक जा!

थोड़ी देर बाद मैंने मॉम के पेट पर हाथ रखा.
अचानक मॉम ने मुझे दूर हटा दिया और बिना कुछ बोले अपने कमरे में जाने लगीं.

मैं मॉम के पीछे गया और उन्हें जोर से गले लगा लिया.
मेरी गर्म सांसें उनकी पीठ पर महसूस हो रही थीं.

मेरा लंड उनकी गांड से एकदम चिपक गया और थोड़ी सी हलचल हुई.

मेरा लंड मॉम की गांड पर रगड़ने लगा.
मॉम कुछ देर तक चुप रहीं, कुछ नहीं बोलीं.

अचानक मॉम ने कहा- ये क्या बदतमीजी है नीरज … तू ये क्या कर रहा है?

फिर मॉम ने मुझे एक थप्पड़ मारकर अलग कर दिया.
मैं रोने लगा.

मैं- मॉम, मैं आपसे प्यार करता हूँ.
मॉम गुस्से में देखती हुई बोलीं- हट पागल …
उन्होंने मुझे एक और थप्पड़ लगा दिया.

लेकिन मैं रुका नहीं… मैंने उन्हें सामने से गले लगाया और उनके क्लीवेज में अपना चेहरा घुसा दिया.
मैं उनकी गांड को दबाने लगा.

मॉम मुझे हटाने की कोशिश कर रही थीं और मेरी पीठ पर घूंसे मार रही थीं.
मॉम- नीरज, पागल मत बन … मैं तेरे पापा को बता दूँगी और दीदी को भी … प्लीज नीरज, ऐसा मत कर!
लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना.

मैंने उनका खुला मुँह देखकर उनके होंठों पर किस कर दिया.

मॉम शॉक्ड हो गईं और उन्होंने अपना मुँह बंद करने की कोशिश की.
लेकिन मैंने उनकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया.
उन्होंने मेरे होंठों को काट लिया.

अचानक मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा, थोड़ा दबाया और सहलाया.
फिर मैंने किस करना बंद किया और उनकी आंखों में देखा.

मॉम- नीरज, मुझे तुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी … किसने कहा तुझे ये करने को?
मैं- किसी ने नहीं, मॉम आप मुझे बहुत पसंद हैं.

मॉम- लेकिन मैं तेरी मॉम हूँ, यार ये कैसे हो सकता है!
मैं- मॉम, मैं कुछ नहीं जानता … मैं बस आपको खुश देखना चाहता हूँ.

मॉम- क्या? कैसा प्यार?

मैंने मॉम की गांड को दबाया और कहा- मॉम, मैं आपको रोक नहीं पा रहा आपकी हॉटनेस मुझे पागल कर रही है.
मॉम- नीरज, ऐसा मत कर ना!

मैं- मैं वादा करता हूँ मॉम … मैं आपको कभी दुखी नहीं होने दूँगा.

मैंने उनके क्लीवेज और गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया.
मैंने उनका सिर पकड़ा.

मॉम बोलीं- नीरज बेटा, ऐसा मत कर ना!

मैंने फिर से उनके होंठों पर किस किया और जोर से स्मूच किया.
‘उम्माह …’
मॉम कराहने लगीं.

मैंने अपना हाथ उनकी लेगिंग्स के अन्दर पीछे से डाल दिया और उनकी गांड को जोर से दबा दिया.
मॉम- आह नीरजऽऽऽ आह, प्लीज …

मैंने फिर से किस किया और मॉम को धक्का देकर जमीन पर लिटा दिया.
मैंने उनके बूब्स को ऊपर से पकड़ लिया.

मॉम अब थोड़ी शांत होने लगी थीं, उनके चेहरे पर वासना का भाव आने लगा था.
निरंतर कराहने की वजह से उनका चेहरा लाल हो गया था.
मुझे साफ लग रहा था मानो वे मुझे कोई सिग्नल दे रही हों.

मैं- मॉम, अपने हाथ ऊपर करो ना!
मॉम- प्लीज नीरज बेटा … यह ठीक नहीं है!

‘मॉम आपको सुख नहीं मिलता है, यह मुझे मालूम है … प्लीज मुझे मना मत करो … मैं आज आपको तृप्त कर दूंगा.’

यह कह कर मैंने मॉम के दोनों हाथ अपने एक हाथ से पकड़ कर ऊपर किए और दूसरे हाथ से उनकी कुर्ती उतारने लगा.

मैंने एक हाथ से उनकी ब्रा खींचकर उतार दी और उनके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया.
कुछ ही मिनट में मैंने मॉम के दोनों मम्मों को चूस चूस कर पूरी तरह लाल कर दिया.

फिर मॉम की लेगिंग्स उतारने के चक्कर में उनकी लेगिंग्स फट गई.
मॉम ने पिंक रंग की पैंटी पहनी थी जो पूरी तरह गीली हो चुकी थी.

मैंने मॉम के हाथों को और जोर से पकड़ा और अपने पैरों से उनके पैरों को फैलाया.

फिर मैंने उनकी पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को चूसना शुरू कर दिया.

अब मॉम खुद को कंट्रोल नहीं कर पाईं और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं.
उन्होंने पानी छोड़ दिया.

मैंने अपने मुँह से उनकी पैंटी को नीचे खींचा और उनकी चूत देखी.
उनकी चूत चॉकलेट जैसी थी और चूत के होंठों के बीच स्ट्रॉबेरी जैसा लाल रंग था.

मैंने उनकी जांघों पर किस किया और धीरे-धीरे ऊपर को आकर उनके होंठों को चूसना शुरू कर दिए.

कुछ मिनट तक मैंने उनके दोनों होंठ जी भर कर चूसे.
उन्हें भी शायद मजा आने लगा था.

फिर मैंने वापस नीचे जाकर उनकी क्लिट पर अपना मुँह रख दिया.

इस बार मॉम बिन पानी की मछली की तरह तड़प उठीं और उन्होंने मेरे हाथों से अपने हाथ छुड़ाकर मेरा सिर पकड़ लिया.
उन्होंने मेरा सिर अपनी चूत के बीच में जोर से दबा दिया.
मैं अभी भी उनकी क्लिट को चूस रहा था.

मैंने उनकी चुत चूसने का दबाव और बढ़ा दिया.
कुछ ही देर में मॉम ने फिर से पानी छोड़ दिया और जोर-जोर से हांफने लगीं.

मेरा मुँह उनकी चूत से चिपका हुआ था. काफी देर तक मैं उनकी चूत को चूसता रहा.

मॉम मस्ती से कराह रही थीं, चिल्ला रही थीं और काँप रही थीं.
मॉम को ऐसे देखकर मैं भी पागल हो रहा था.

अब मैंने अपने कपड़े उतारे और मॉम को अपना 7 इंच लंबा लंड दिखाया.

फिर मैं मॉम के पैरों के बीच में आया और सैटिंग करने लगा.
मॉम अभी भी मुझे हटाने की कोशिश कर रही थीं लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना.

जैसे ही लंड ने चुत के छेद पर मुंडी लगाई, मैंने एक तेज झटका दे दिया और मेरा पूरा लंड मॉम की चूत के अन्दर चला गया.
मुझे थोड़ा दर्द हुआ, क्योंकि ये मेरा पहला मौका था.

मॉम ने अपने होंठ छुड़ाए और मुझे जोर से पकड़ लिया.
उनके नाखून मेरी पीठ में धंस रहे थे.

मैंने जंगली तरीके से मां की चुत को चोदना शुरू कर दिया और बहुत जोर-जोर से धक्के मारने लगा.
मैं उनके हाथ पकड़े हुए था.

मॉम ने अपने पैर मेरी पीठ पर क्रॉस कर लिए ताकि मेरे धक्कों की स्पीड कम हो सके.

मैं- मॉम … मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ.
मॉम- स्स्स्स्स्स … नीरज प्लीज.

मॉम की जांघें मेरी जांघों से टकरा रही थीं और धप्प… पच्छ… की आवाज़ें आ रही थीं.

कुछ मिनट तक बहुत जोर-जोर से धक्के मारने के बाद मैं धीमा हो गया और हांफने लगा.

मैं और मॉम दोनों पसीने से तर थे.
अब मैं धीमा हो गया और हांफ रहा था.

हम दोनों एक-दूसरे को कामुकता भरी नजरों से देख रहे थे.
बीच-बीच में मैं मॉम के बूब्स और निप्पलों को मसल देता था और जोर-जोर से धक्के मारने लगता था.

मॉम- आह नीरज … मैं झड़ रही हूँ … आह्ह्ह.
मॉम ने मुझे कसकर पकड़ लिया.

मेरा लंड अभी भी मॉम की चुत के अन्दर था और उनका पानी मेरे लंड के आसपास दबाव के साथ निकल रहा था.
ये अहसास गजब का था.

मॉम ने मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा और शायद मेरे तेज धक्कों और मेरी मादक आवाजों को सुन कर वे मुझे चूमने लगीं.
मैं फिर से जोश में आ गया.

मैंने 2-3 मिनट तक फिर से जोर-जोर से चोदा और झड़ गया.

मेरी जांघें, गांड और मॉम की चूत सब लाल हो चुके थे.

मैंने इतने जोर से धक्के मारे थे कि मॉम संतुष्ट हो गई थीं और मैं भी पूरी तरह संतुष्ट था.

मॉम और मैं एक घंटे तक एक-दूसरे के साथ लेटे रहे.
फिर मॉम उठीं और अपने कमरे में चली गईं.

उस वक्त रात के 2:30 बज रहे थे.
मैं भी सोफे पर अपने कपड़े पहन कर लेट गया.

थोड़ी देर बाद मॉम ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और मुझसे कहा- नीरज बेटा आज जो कुछ भी हुआ, वह किसी को पता नहीं चलना चाहिए. अगर किसी को पता चला तो तेरे पापा हमें और तुझे जिंदा जला देंगे … समझा!
मैं- सॉरी मॉम …

मॉम मुस्कुराती हुई बोलीं- समझ ले बेटा … जो तूने किया है न … वह बहुत गलत है. तुझे पता है ना इस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं होता है?
मैं- हां मॉम पता है, लेकिन मैं बस आपकी खुशी चाहता था!
मॉम- ओह सच्ची … मेरा बेटा कितना बड़ा हो गया है!

मॉम ने मुझे होंठों पर किस किया.
मॉम- नीरज बेटा, ये पैसे ले और मेडिकल स्टोर जा. उधर से 4 पैकेट आई-पिल्स ले आना.

मैं- मॉम इतनी सारी? वह भी इतनी रात को?
मॉम मुस्कुराती हुई बोलीं- मैं तुझे अच्छे से जानती हूँ. तुझे आज खुली छूट मिल गई है, अब तू बार-बार मुझे परेशान करता रहेगा!
मैं- नहीं मॉम … मैं तो आपको हमेशा खुश रखूँगा.

मॉम- थैंक्स बेटा, जो तूने आज किया … लेकिन अगली बार थोड़ा आराम से!

मैं- मॉम कॉन्डम भी ले आऊं?
मॉम- ठीक है, जा 4-5 पैकेट ले आना.

मैं आधी रात में ही 24×7 खुले रहने वाले एक बड़े मेडिकल स्टोर से सब कुछ ले आया.

फिर मैंने मॉम के साथ दो और राउंड किए.
हॉट मॅाम सन चुदाई में मॉम पूरी तरह थक चुकी थीं.

सुबह उन्होंने आई-पिल ली और मैंने मॉम के लिए सुबह का खाना भी बनाया.

थोड़ी देर बाद दीदी भी आ गईं.

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