भाग 5 (अंतिम): Ghar Laut Kar – Maa Ki Poori Hawas
माँ का रस – Part 4 – Maa Beta ki Sex Kahani
Maa Beta ki Sex Story :- कार से घर लौटते वक्त दोनों मां-बेटा बिल्कुल थके हुए थे, लेकिन उनका हवस अभी भी सुलग रही थी। घर पहुँचते ही रोहित ने दरवाजा बंद किया और माँ को दीवार से लगा दिया। रीना अभी भी कार में पहली हुई शॉर्ट ड्रेस में थी।
रोहित ने तुरेंट माँ की ड्रेस ऊपर की और उसकी चूत में उंगली डाल दी।
रोहित: “माँ…आज मैं आपको इतना चोदूंगा कि आप कल उठ भी नहीं पाओगी।”
रीना: (सांस फूलते हुए) “हां बेटा… आज मां को पूरी तरह से तोड़ दो… जितनी मर्जी ठुकाई करो… मैं तेरी गंदी मां-रंडी हूं।”
रोहित ने माँ को उठाया और सीधे बेडरूम में ले गया। उसने माँ को बिस्तर पर फेंका और उसके कपड़े फाड़ते हुए उतार दिये। अब रीना बिलकुल नंगी थी.
पहला राउंड – मिशनरी पोजीशन
रोहित ने माँ की तांगे फेलाई और एक ही धक्के में पूरा मोटा लंड अंदर पेल दिया। रीना ज़ोर से चिल्ला पड़ी.
रीना: “आआअहह… फाड़ दिया… बहुत ज़ोर से डाला है आज…”
रोहित ने माँ के दोनों स्तन पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ बिस्तर हिल रहा था और रीना की सिस्कारियां कमरे में गूंज रही थी।
रोहित: “बोल माँ… तेरी चूत कौन चोद रहा है?”
रीना: “मेरा बेटा… मेरा अपना बेटा मेरी चूत चोद रहा है… और ज़ोर से चोद… माँ को चोद के प्रेग्नेंट कर दे…”
रोहित ने स्पीड बढ़ा दी. रीना ने अपने तांगे रोहित की कमर पर लपेट ली और अपनी गांड ऊपर उठा-उठा कर चोद रही थी।
रीना का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उसकी चूत से पानी निकाल कर चादर को गीला कर दिया।
दूसरा राउंड – डॉगी स्टाइल (घोड़ी बनाकर)
रोहित ने माँ को घोड़ी बनाया। उसने माँ की मोटी गांड पकड़ कर पीछे से लंड अंदर घुसा दिया। क्या बार वो बहुत वाइल्ड था.
उसने माँ के बाल पकड़ कर घोड़ा बनाया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के के साथ माँ की गांड हिल रही थी और “थप-थप-थप” की आवाज़ तेज़ हो रही थी।
रोहित: “माँ… तेरी गांड बहुत मोटी है… मैं इसको रोज़ ठोकूंगा…”
रीना: “ठोक… ज़ोर से ठोक… माँ की गांड और चूत दोनों ठोक दे… आह्ह… और ज़ोर से…”
रोहित ने माँ की गांड पर बहुत सारे लाल थप्पड़ मारे। रीना को दर्द के साथ जबरदस्त मजा आ रहा था।
तीसरा दौर – काउगर्ल (माँ ऊपर)
रोहित लेट गया. रीना उसके ऊपर चढ़ गई और धीरे से उसका लंड अपनी चूत में बैठने लगी।
रीना: “आज माँ खुद तुझे चोद लेगी…”
उसने अपनी गांड ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया। उसकी बड़ी चुचियाँ ज़ोर-ज़ोर से उछल रही थी। रोहित ने नीचे से उसके स्तन पकड़ कर दबाने लगा और निपल्स को पिंच करने लगा।
रीना तेज़ हो गई और ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूत रोहित के लंड को पूरा अन्दर ले रही थी।
रीना: “बेटा… तेरा लंड माँ की अन्दर तक जा रहा है… बहुत मजा आ रहा है… मैं झड़ने वाली हूँ…”
चौथा दौर- खड़े-खड़े चोदना
रोहित ने मां को उठाया, उसकी तांगे अपनी कमर पर लपेट ली और खड़े-खड़े चोदने लगा। रीना उसके गले से लिपट कर चिल्ला रही थी।
रीना: “बेटा… बहुत गहरा जा रहा है… माँ को अंदर तक चोद रहा है… और ज़ोर से… माँ को झड़वा दे…”
आख़िर में दोनो एक साथ झड़ गये। रोहित ने माँ की चूत के अंदर ही अपना गरम माल भर दिया। रीना का पूरा बदन कानप रहा था.
डोनो बेड पर लेट गए. रीना बेटे के सीने पर लेती हुई थी. उसकी चूत से अभी भी रोहित का माल टपक रहा था।
रीना: (प्यार से) “बेटा… आज से ये घर हमारा सेक्स का मंदिर है। तू जब भी चाहे, कहीं भी, जितनी बार चाहे… माँ को चोद सकता है। माँ हमेशा तेरी रहेगी।”
रोहित: “मां… मैं भी आपको कभी नहीं छोड़ूंगा। आप अब मेरी परमानेंट रंडी हो।”
रीना मुस्कुरायी और बेटे के लंड को फिर से सहलाने लगी।
शृंखला समाप्ति