भाग 1: एक अंधेरी, बिजली-रहित रात
Maa aur Beta Sex Story :-गरमी का मौसम था. जून की वो रात बहुत भारी और सुलगती हुई थी। रोहित अपने बिस्तर पर लेता हुआ था। उसका बदन पसीने से तर था। 23 साल का ये जवान लड़का जिम और क्रिकेट की वजह से बहुत फिट और आकर्षक दिखता था। उसके पापा 2 साल से दुबई में थे। घर में सिर्फ वो और उसकी मां रीना रहती थीं।
रीना 42 साल की थी, लेकिन उसकी उम्र उसके शरीर को बिल्कुल भी नहीं दिखती थी। उसके स्तन 38 साइज़ के बड़े और भरे-भरे थे, कमर पतली, और गांड इतनी मोटी और गोल थी कि देखने वाला हर मर्द उस पर नज़र टिकाए रखता है। घर में वो अक्सर पतली नाइटी या साड़ी में रहती थी जिसका शरीर बहुत ज्यादा सेक्सी लगता था।
हमसे रात बिजली चली गई. पूरा इलाका अँधेरे में डूब गया। फैन भी बंद हो गया था. गर्मी इतनी ज्यादा थी कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।
रीना अपने बेडरूम में लेती हुई थी. उसने सिर्फ एक हल्की गुलाबी रंग की स्लीवलेस नाइटी पहनी थी जो उसके घुटनों तक थी। नाइटी इतनी पतली थी कि अंदर कुछ भी पहचाना हो तो साफ दिख जाता था। उसने ब्रा नहीं पहनी थी क्योंकि गर्मी बहुत ज़्यादा थी।
रीना ने परेशान होकर आवाज़ लगाई, “रोहित… बेटा!”
रोहित तुरंट उठा और मां के कमरे की तरफ गया। वो सिर्फ एक काले रंग का शॉर्ट्स पहनने हुआ था। उसकी छति और पेट पसीने से चमक रहे थे।
रोहित: “क्या हुआ माँ?”
रीना: “बेटा बहुत गर्मी लग रही है। एसी भी नहीं चल रहा। तेरा कमरा थोड़ा ठंडा है ना? मुझे वहां लेटने दे थोड़ी देर।”
रोहित: “हां मां, आ जाओ।”
दोनो माँ-बेटा रोहित के कमरे में आ गये। कमरे में सिर्फ मोबाइल की टॉर्च की हल्की रोशनी थी। रोहित ने माँ को बिस्तर पर लेटने दिया। रीना लेती तो उसकी नाइटी ऊपर चढ़ गई और उसकी मोटी जांघें और चूत की लाइन साफ दिखाई दे रही थी।
थोड़ी देर बाद रीना करवट बदलने लगी और धीरे से बोली, “रोहित… मुझे बहुत दर्द हो रहा है पीठ में। क्या तू मुझे तेल लगा देगा?”
रोहित का दिल ज़ोर से धड़कने लगा. उसने यहाँ सर हिलाया और तेल की बोतल ली। वो माँ के पास बैठ गया। जब उसने माँ की पीठ पर तेल लगाना शुरू किया तो उसके हाथों में माँ की मुलायम और गरम तवाचा महसूस हो रही थी।
धीरे-धीरे उसके हाथ नीचे की तरफ जाने लगे। जब उसने माँ की कमर के नीचे हाथ लगाया तो रीना सिहर गई।
रीना: “उम्म्म… बेटा… और नीचे भी लगा दो…”
रोहित का लंड अभी से खड़ा होने लगा था। उसने हिम्मत करके माँ की नाइटी को थोड़ा ऊपर किया और उसकी मोटी गांड पर तेल लगाने लगा। रीना की सांसें तेज़ हो रही थी।
रीना: “बेटा… बहुत अच्छा लग रहा है… और अंदर हाथ डाल कर मसाज कर…”
रोहित ने माँ की नाइटी को और ऊपर किया। अब उसकी माँ की पूरी मोटी गांड और चूत की लाइन साफ दिख रही थी। उसने तेल लगाते हुए अपनी उंगली माँ की चूत के पास ले गया। रीना की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी।
रीना: (सांस फूलते हुए) “आह… रोहित… क्या कर रहा है तू…”
लेकिन उसने अपनी तांगे थोड़ी और फेल दी। रोहित समझ गया कि मां को भी ये सब पसंद आ रहा है। उसने धीरे से अपनी उंगली माँ की चूत के ऊपर रगड़ने लगी।
रीना: “बेटा… मत कर… मैं तेरी माँ हूँ… आह्ह… उम्म्म…”
रोहित ने उंगली अंदर डाल दी. रीना का पूरा बदन एक झटके से उठ गया। वो अपनी गांड ऊपर उठा रही थी ताकि बेटा की उंगली और अंदर जा सके।
रोहित: “माँ… आप बहुत गीली हो… मुझे आप बहुत दिन से पसंद हो…”
रीना ने कुछ नहीं कहा. उसने सिर्फ अपना मुँह तकिया में छुपा लिया और धीरे-धीरे अपनी गांड हिला रही थी।
रोहित ने अब मां को करवा दिया। उसने माँ की नाइटी को ऊपर किया और उसके बड़े-बड़े स्तनों को देखा। वो दूध से भरे हुए थे और निपल मजबूत हो चुके थे।
उसने एक उल्लू मुँह में ले लिया और चुनने लगा। रीना ने अपना हाथ रोहित के सर पर रख दिया और उसके बाल पकड़ कर दबने लगी।
रीना: “आह… बेटा… बहुत दिन बाद किसी ने चूसा है इन्हें… ज़ोर से चूस… माँ के स्तनों को अपना बना ले…”
रोहित दोनों स्तनों को बारी-बारी से चूस रहा था। उसका लंड अब शॉर्ट्स के अंदर से बहुत टाइट हो चुका था। रीना ने अपना हाथ नीचे किया और बेटे के लंड को बाहर निकाल लिया।
रीना: “वाह बेटा… इतना मोटा और लम्बा लंड… माँ की चूत के लिए परफेक्ट है…”
उसने धीरे-धीरे बेटे के लंड को सहलाने लगी।
भाग 1 यहां ख़तम होता है।